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अंग्रेज़ी उच्चारण गाइड

इसका उच्चारण अंग्रेज़ी में कैसे करते हैं hello

/həˈloʊ/ (अमेरिकी अंग्रेज़ी उच्चारण)

हिंदी में मतलब: नमस्ते

अंग्रेज़ी का hello दो हिस्सों में बोला जाता है, /həˈloʊ/. पहला हिस्सा बेहद हल्का और छोटा है, लगभग सुनाई ही न दे, जबकि पूरा ज़ोर दूसरे हिस्से पर पड़ता है और वहाँ आवाज़ थोड़ी देर तक खिंचती है। हिंदी में इसे अक्सर हैलो लिखा जाता है, लेकिन वह लिखावट असली आवाज़ को थोड़ा भटका देती है, इसलिए नीचे हर हिस्से को अलग से समझाया गया है।

टुकड़ों में समझें

अंग्रेज़ी में ज़ोर यानी stress का बहुत बड़ा रोल है, हिंदी के मुकाबले कहीं ज़्यादा साफ़ और तय। hello में यह ज़ोर पूरी तरह दूसरे हिस्से पर पड़ता है, पहला हिस्सा बस एक हल्की सी शुरुआती आवाज़ है।

पहला हिस्सा /hə/

यहाँ ह के बाद एक बहुत फीकी, दबी हुई अ जैसी आवाज़ आती है, इसे schwa कहते हैं। यह हिंदी के भारी है वाले उच्चारण से अलग है, यह लगभग बिना ज़ोर के, पलक झपकते निकल जाने वाली आवाज़ है।

दूसरा हिस्सा, यहाँ ज़ोर /ˈloʊ/

ल के बाद जो ओ आता है वह हिंदी के सीधे, सपाट ओ जैसा नहीं है। बोलते बोलते होंठ थोड़े और गोल होकर आवाज़ हल्के से उ की तरफ़ खिंच जाती है, जैसे लो कहते कहते लोउ जैसा हो जाए। इसी हिस्से पर आवाज़ ऊँची और लंबी होती है।

पूरा शब्द कहने का सबसे आसान तरीका: पहला हिस्सा जल्दी और हल्के से निकालें, फिर दूसरे हिस्से पर ठहरकर ज़ोर दें, कुछ इस तरह, ह-लोउ, जहाँ पहला हिस्सा लगभग गायब सा और दूसरा साफ़ सुनाई देने वाला हो।

सुनकर अभ्यास करें

इस शब्द की असली आवाज़ में रिकॉर्डिंग अभी ऐप में तैयार नहीं है, इसलिए यहाँ ब्राउज़र की अपनी टेक्स्ट टु स्पीच तकनीक से सुना जा सकता है। नीचे बटन दबाकर सुनें और साथ में धीरे धीरे दोहराने की कोशिश करें।

hello

एक असली अंग्रेज़ी मातृभाषी वक्ता की रिकॉर्डिंग।

Hello, my name is Ana.

एक असली अंग्रेज़ी मातृभाषी वक्ता की रिकॉर्डिंग।

एक वाक्य में

Hello, my name is Ana.

नमस्ते, मेरा नाम आना है।

यहाँ hello ठीक वैसे ही इस्तेमाल हुआ है जैसे हिंदी में किसी से पहली बार मिलते वक़्त नमस्ते कहा जाता है, न बहुत औपचारिक, न बहुत अनौपचारिक। फ़र्क़ इतना है कि अंग्रेज़ी में hello दोस्तों से लेकर दफ़्तर और फ़ोन तक, लगभग हर जगह चल जाता है, जबकि हिंदी में नमस्ते और हाय के बीच का फ़र्क़ रिश्ते और मौक़े के हिसाब से थोड़ा ज़्यादा साफ़ रखा जाता है।

हिंदी भाषियों से होने वाली आम गलतियाँ

सबसे बड़ी गलती हिंदी की अपनी लिखावट हैलो से आती है। इसमें पहला अक्षर है जैसा भारी दिखता है, इसलिए बहुत से लोग पहले हिस्से पर भी उतना ही ज़ोर दे देते हैं जितना दूसरे पर, कई बार पहले पर ज़्यादा। असली अंग्रेज़ी में पहला हिस्सा बेहद हल्का, लगभग अनसुना सा schwa होता है, पूरा ज़ोर सिर्फ़ दूसरे हिस्से पर टिका होता है।

दूसरी गलती आख़िरी आवाज़ में होती है। हिंदी का ओ एक सीधा, सपाट स्वर है, जैसे सोना या मोर में। अंग्रेज़ी वाला ओ उतना सीधा नहीं है, यह बोलते बोलते हल्के से उ की तरफ़ खिसक जाता है। हिंदी के तरीके से लो को सपाट बोल देने पर शब्द थोड़ा कटा हुआ और अधूरा सा सुनाई देता है।